मेरे बाबा की मैं हूँ दीवानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा की मैं हूँ दीवानी,

माली इसको तू ऐसा सजा दे,

फीके लागे अगर हीरे मोती चाँद तारो को इस में जड़ा दे,

मेरे बाबा की मैं हूँ दीवानी....

फूलो कलियों बहारो को ले आ,

खूबसूरत नजरो को ले आ,

लानी पड़ जाये जननत से बानी,

संवारा ये मेरा मुश्कुरा दे,

मेरे बाबा की मैं हूँ दीवानी

बाबा महके जो केसर की क्यारी,

सोने चाँदी के घोटा किनारी,

कई नजरे भी बुरी होती काला टीका तू इसके लगा दे,

मेरे बाबा की मैं हूँ दीवानी....

मुझको आके गले वो लगा ले,

दासी चरणों की मुझको बना ले,

लेहरी ओहडु चुनरियाँ मेगानी

प्रीत ऐसी बाबा तू जगा दे

मेरे बाबा की मैं हूँ दीवानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।