मेरी ज़िन्दगी को सहारा दो बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी ज़िन्दगी को सहारा दो बाबा,

भवर में फसा हु किनारा दो बाबा,

मेरी ज़िन्दगी को सहारा दो बाबा......

नानी का भात भरने तू ही था दौड़ा आया,

खेती समबाली धना की कर्मा के भोग पाया,

मुझे भी भरोसा तुम्हारा ओ बाबा,

मेरी ज़िन्दगी को सहारा दो बाबा

पांचो पति के होते बेबस बनी वेचारी,

आजा ओ कन्हैया वो द्रोपती पुकारी,

बचा लो बचा लो पुकारा ओ बाबा,

मेरी ज़िन्दगी को सहारा दो बाबा,

दुनिया भटक भटक केर मैं तेरे दर पे आया,

खुशियों से भर दे दामन न हो गमो का साया,

ना मंजिल है लेहरी इशारा दो बाबा,

मेरी ज़िन्दगी को सहारा दो बाबा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।