बम भोले बम भोले गा ले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम भोले बम भोले गा ले आया सावन तू कावडे उठा ले,

कावड़ में गंगा जल भर पिंडी पे जल तू चड़ा दे,

बम भोले बम भोले गा ले.....

कवडियो की टोली आई जय भोले की भोल रही,

चारो तरफ से देखो सबके कंधे पर कावड़ धोल रही,

मिल कर सारे गाते है भोले को आज मनाते है,

तू भी मस्ती में आ कर के भोले को आज मना ले,

बम भोले बम भोले गा ले.....

नाच रहा है झूम रहा है देखो तो अम्बर सारा,

गूंज रहा धरती अम्बर में भोले का जयकारा,

प्यारी प्यारी ये कावड़ सजी मेरे भोले सी प्यारी लगी,

आज उठा के कावड़ तू भी अपने भाग जगा ले,

बम भोले बम भोले गा ले.....

आज ख़ुशी से बोल रही दिल की ये मेरी धड़कन,

खुशियों से ये भर देंगे थाम लेंगे जिसका दामन

भोले को आज मनाऊ गा मैं भी कंधे पे कावड़ उठाऊ गा,

भर देंगे खाली झोली झोली आगे तू इनके फैला ले,

बम भोले बम भोले गा ले.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।