लक्ष्मण के लगी जब शक्ति

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

लक्ष्मण के लगी जब शक्ति,लक्ष्मण के लक्ष्मण के

लक्ष्मण के लगी जब शक्ति, गोद मे उठा लिया भइया

भइया डूब गयी अब धर में मेरी नइया हो

सीता का विवाह हुआ था राम से मिलन हुआ था,,,,२

खुशियां अवहद में छाई,सब ने धूम मचाई

खुशियां अवहद में छाई,गोद मे उठा लिया भइया

भइया डूब गई अब धर में मेरी नइया

लक्ष्मण के लगी----------

तुम जल्दी अवहद को जाओ,माता से आज्ञा लाओ,

हम वन को चलेंगे,हम वन को तीनो प्राणी

गोद मे उठा लिया भइया डुब गयी अब धर में मेरी नइया

लक्ष्मण के लगी--------

सीता का हरण हुआ था,लक्ष्मण का मरण हुआ था,

हा लाओ संजीवन बूटी हा लाओ ,

हा लाओ संजीवन बूटी,

गोद मे उठा.......

लक्ष्मण के......

सीता का मिलन हुआ था,रावण का मरण हुआ था,

खुशियां मनाओ भाई हा खुशियां,

गोद मे उठा लिया भइया, भइया डूब गई अब धर में मेरी नइया,

जब राम लखन ओर सीता,जब लौट अवध को आये,

दीपक जलाओ भाई हा दीपक

हा दीपक जलाओ भाई,गोद मे उठा लिया भइया

लक्ष्मण के लगी------

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।