यूपी में भी एक धाम बना दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं बहुत दूर का छोरा मैं चल न सकू गा ज्यदा,

यूपी में भी एक धाम बना दो ओ शिर्डी के बाबा,

मैं बहुत दूर का छोरा....

साईं राम साईं श्याम...

दूर देश में बेठे बेठे सबकी तुम सुनते हो,

सबके अरमानो की लड़ियाँ बाबा तुम भूनते हो,

मन तेरा ध्यान लगाये पर माथा टेक ना पाए,

यूपी में भी एक धाम बना दो ओ शिर्डी के बाबा,

साईं राम साईं श्याम...

सच बोलू तो रोज रात को सपनो में आते हो,

भोर हुई जब आंखे खुली जब नजर नही आते हो,

कभी घर मेरे रुक जाओ यही बेठ के अलख जगाओ,

घर बन जाये काशी का बाबा,

यूपी में भी एक धाम बना दो ओ शिर्डी के बाबा,

साईं राम साईं श्याम...

उस दर की मुझे लगन लगी है,

वही पे मेरा दिल है सत्य का मैं दीदार करू पर आ पाना मुश्किल है,

तुम चंदन हो हम पानी तुम आलम एक कहानी,

मैं सेवक तू दाता,

यूपी में भी एक धाम बना दो ओ शिर्डी के बाबा,

साईं राम साईं श्याम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।