तेरी नज़रो ने लूट लिया श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी नज़रो ने लूट लिया श्याम,

हमें तो तुहि प्यारा लागे,

प्यारा लागे रे सबसे न्यारा लागे,

हो तेरा मुखड़ा मैं देखु मेरे श्याम,

हमें तो तुहि प्यारा लागे,

जबसे तेरे नैन लाडे हो गए दीवाने,

कहते है लोग क्या क्या कस्ते है ताने,

हो सारे जग में हुए है बदनाम,

हमें तो तुहि प्यारा लागे,

तेरी.......

चैन मेरा खो गया और नींद मेरी खो गयी,

श्याम तेरे प्रेम में दीवानी कैसी हो गयी,

हो कटती है तेरी सुबह शाम,

हमें तो तुहि प्यारा लागे,

तेरी.....

श्याम कभी भूल के हमारी गली आना,

नहीं है तुम्हारे काबिल अपना बनाना,

हो इसी बात पे बैठे है तमाम,

हमें तो तुहि प्यारा लागे,

तेरी.....

तेरे मुखड़े पे श्याम वारी वारी जाऊ,

कितना है प्रेम तुझे कैसे समझाऊ,

बस हमको बुलाले तेरे धाम,

हमें तो तुहि प्यारा लागे,

तेरी....

तेरी मीठी मीठी बता में मोहन अब मैं नही आना,

नही आना रे श्याम नही आना,

ताने कसते है सब तेरे कारण,

अब मैं नही आना

इक इक बात सच सखियों की हो गई,

खुद भी न जानू मैं दीवानी कैसे हो गई,

सारी सखियाँ कहे मुझे पागल,

अब मैं नही आना,

प्रीत का जानू देखो सब को भुला दिया,

प्रीत का जननु देखो खुद को मिटा लिया,

तेरे पीछे छुटे घर और आंगन,

अब मैं नही आना,

कर जो भी प्रीत तुझसे जो भी सताता है,

इतना भी क्या किसी को कोई रुलाता है,

मेरे आंसुओ से हार गया सावन,

अब मैं नही आना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।