आज कल याद कुछ और रहता नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

एक बस सँवारे तेरी यादो के बाद,

अपने चरणों में मुझको बिठा लीजिये,

अपने दिल में मेरा घर बना लीजिये,

क्या कृ दिल कही और लगता नहीं,

दिल में यादे तेरी बस जाने के बाद,

हार कर के मैं तेरी शरण आ गया,

तेरी किरपा से ही जीवन सफल हो गया,

तू ही तू है मेरे इस जीवन में प्रभु अब मैं जाऊ कहा तेरे द्वारे के बाद,

आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

आप का नाम दिल से निकलता नहीं,

बिन तेरे मेरा गुलशन ये खिलता नहीं,

भूल जाना तुम्हे मेरे बस में नहीं,

मैंने पाया तुम्हे ठोकर खाने के बाद,

आज कल याद कुछ और रहता नहीं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।