बना दे मुझे दिल्ली का लाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू है सेठो का सेठ बड़ा आला,

बना दे मुझे दिल्ली का लाला,

मेरा खुल जाये किस्मत का ताला,

बना दे मुझे दिल्ली का लाला,

लाला बना दे ओ नीले वाले,

फिर न पड़े गे पैसो के लाले,

लाइन लगी गई गदी पे मेरी किरपा रहे गी जो सेवक पे तेरी,

सदा रहना तू बन के रखवाला,

बना दे मुझे दिल्ली का लाला,

छोले भठूरे पूरी कचोरी,

धनिये की चटनी पालक पकोड़ी,

भले दही के भोग मैं लगाउ,

रवडी फालूदा जम के खिलाऊ,

सोहन हलवा चड़ाउ घंटे वाला,

बना दे मुझे दिल्ली का लाला,

दिल वाले रहते दिल्ली में बाबा,

कहते है थोड़ा करते है जयदा,

दुनिया का क्या बस बाते बनाये,

पर दिल्ली वाले कर के दिखाए,

तेरा सेवक भी हो रुतबे वाला,

बना दे मुझे दिल्ली का लाला,

लाल ये तेरा लाल बने गा,

तेरी दया से मौज करे गा,

हर्ष मुझे सेठ कहे गा,

लेकिन मेरा सेठ तू ही रहे गा,

मेरा जन्मो का धो दे दिवाला,

बना दे मुझे दिल्ली का लाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।