बड़ा नटखट है रे कृष्णा कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़ा नटखट है रे कृष्णा कन्हैया

का करे यशोदा मैया

ढूंढे री अखिया उसे चहू ओर,

जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर।

उड़ गया ऐसे जैसे पुरवईया,

का करे यशोदा मैया॥

आ तोहे मैं गले से लगा लूँ,

लागे ना किसी की नज़र, मन में छुपा लूँ।

धुप जगत है रे ममता है छईया,

का करे यशोदा मैया॥

मेरे जीवन का तू एक ही सपना,

जो कोई देखे तोहे, समझा वो अपना।

सबका है प्यारा, बंसी बजयिया,

का करे यशोदा मैया॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।