इक श्याम सहारा तेरा इस जग में

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक श्याम सहारा तेरा इस जग में,

तू श्याम नाम जप प्यारे तू हरी का नाम जप प्यारे,

जब तक तेल दीये में बाती जगमग जगमग होये,

झुक गया तेल लिपट गई बाती,ले चल ले चल होये,

तेरा दो दिन का था बसेरा इस जग में,

तू श्याम नाम जप प्यारे तू हरी का नाम जप प्यारे,

इस श्याम सहारा तेरा इस जग में,

दरवाजे पर जनि रोये अर्थी ले गये भाई,

लठ बिखराये पत्नी रोये हंसी अकेला जाई,

कोई अपना रहा न तेरा इस जग में,

तू श्याम नाम जप प्यारे तू हरी का नाम जप प्यारे,

इस श्याम सहारा तेरा इस जग में,

कोड़ी कोड़ी माया जोड़ी,

ऊचे महल बनाये,

मुठी बांध कर आया था तू हाथ पसारे जाए,

लूट गया कारवा तेरा इस जग में,

तू श्याम नाम जप प्यारे......

तन असनान किया बहुत तेरा मन का मेल ना धोया,

हरी नाम की पूंजी न जोड़ी बैठ कबीरा रोया,

रोमी अब कौन है तेरा इस जग में,

तू श्याम नाम जप प्यारे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।