आओ आओ मेरे नन्द लाल आजाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ,

आ जाओ आ जाओ मेरे दिल समा जाओ,

आ जाओ आ जाओ मेरे दिल समा जाओ,

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ,

आ जाओ आ जाओ जरा माखन चुरा जाओ,

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ ,

श्री राधे.... श्री राधे [ तो उनको आना ही पड़ेगा ]

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ ,

आ जाओ आ जाओ मेरी गौएँ चरा जाओ,

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ ,

श्री राधे....

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ ,

[कैसे बुलाओगे गोपाल को, ये गोपियों से सीखो ]

लालन एक विनय सुनिए अब मेरी गलिन में आइए ना,

आइए तो करुणा कर के, हस टेर सुनाईये गाइए ना,

गाइए तो अधरों धर के, मुरली ये मंद बजाइए ना,

सरसाईए ना उर प्रेम वृथा, पुनि आइए तो फिर जाइए ना,

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ ,

आ जाओ आ जाओ रास रचा जाओ,

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ,

आ जाओ आ जाओ जरा गीता सुना जाओ,

आओ आओ...

मेरे नन्दलाल आ जाओ,

आओ आओ....

मेरे गोपाल आ जाओ ,

आओ आओ नन्दलाल,

आओ आओ गोपाल ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।