फूल तेरी बगीया का श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फूल तेरी बगीया का श्याम चरण कमल रज रखले,

मेहकु तेरे दरबार सदा प्रेम का सौदा कर ले,

फूल तेरी बगीया का श्याम...

जिस न जोड़ी प्रीत तुम्ही से दुनिया में वो चमके,

डंके माला पुष्प के श्याम खुशभु बन के महके,

हार नहीं इस जीवन में जब बाहे श्याम पकड़ ले,

मेहकु तेरे दरबार सदा प्रेम का सौदा कर ले,

पते पते पर नाम है तेरा एहलवती का प्यारा,

जब जब चलती पुरबा सुहानी खाटू लागे डेरा,

खिलता है हर बगियाँ कलि जब श्याम की बंसी बोले,

मेहकु तेरे दरबार सदा प्रेम का सौदा कर ले,

मन का भवरा उड़ चला है तरसे है दर्शन को,

हकीम है मेरे मन का श्याम चैन पड़े मेरे मन को,

रोम रोम हर श्याम सजन के श्याम राम यु बोले,

मेहकु तेरे दरबार सदा प्रेम का सौदा कर ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।