मेरी लाज तुम्हारे हाथ है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी लाज तुम्हारे हाथ है,

मुझे डरने की क्या बात है,

सँवारे हम में तो तुमसे पाया इतना प्यार है,

सज गया जीवन हमारा खुशियों की भोशार है,

क्यों डरु मैं जब तू साथ है मुझे डरने की क्या बात है,

मेरी लाज तुम्हारे हाथ है...

मेरी आँखों में समाया श्याम तेरा नूर है,

तेरे जलवो से मिले मुझे मस्तियाँ भरपूर है,

ना कोई गम की रात है मुझे डरने की क्या बात है,

मेरी लाज तुम्हारे हाथ है.....

हसरते जीवन की मोहन तेरा मेरा साथ हो,

मन तो तेरे पास है अब तन भी अब तेरे पास हो,

तू ही पिता मेरा तू ही मात है मुझे डरने की क्या बात,

मेरी लाज तुम्हारे हाथ है...

श्याम मैं तेरा दीवाना तू मेरा सरताज है,

नंदू प्रेमी के हिरदये पर चलता तेरा राज है,

ये मीतू के जज्बात है मुझे डरने की क्या बात है,

मेरी लाज तुम्हारे हाथ है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।