तोहार मैया हो तोहार मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तोहार मैया हो-॥ तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

तोहार मैया हो-॥ तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

गोरी गोरी भगवती हमार मैया हो, हमार मैया

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया-॥

कोई हंस चढ़ल कोई उल्लू चढ़ल,

शेर पे सवार, माई दुर्गा आयल,

मंदिर भीतर बैठल हो, हमार मैया,

तोहार मैया

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

तोहार मैया हो-॥ तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया.

देखी शोभा मंदिर के, मनवा भरल,

अढ़हुल फूल चढ़ल, लाल चुनरी चढ़ल,

सब लगावे जयकारा, तोहार मैया हो तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

तोहार मैया हो-॥ तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

तोर आके भवन, हम गावेली भजन,

तोर आके भवन, हम गावेली भजन,

जब जुटल सनेहिया, तब रोके कवन,

हम पड़ेल पंईयां, तोहार मैया हो,

तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

गोरी गोरी भगवती हमार मैया हो, हमार मैया

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया,

तोहार मैया हो-॥ तोहार मैया,

सुंदर सुंदर सुरतिया तोहार मैया-॥,

प्रभाकर कुमार

माँ काली मंदिर

सोहजाना, गिद्वौर जमुई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।