खुल व दे खाटू वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खुल व दे खाटू वाला मेरी साठ करोड़ की लौटरी खुलवादे खाटू वाला,

आसाम हो या हरयाणा गुजरात हो या लुधियाना,

चाहे कोई भी खुलवाए खुलवा दे खाटू वाला,

खुल व दे खाटू वाला....

सूंदर सा एक बंगला हो बंगले से लगा जँगला हो,

ओ जी मेरे नौकर चले साथ खुलवादे खाटूवाला,

खुल व दे खाटू वाला.....

मेरे गले में चैन पड़ी हो दरवाजे कार खड़ी हो,

हीरे की अंगूठी हाथ खुल व दे खाटू वाला,

खुल व दे खाटू वाला...

जग रकम मने मिल जाऊ ली महारे मन की कली खिल जोगी,

अरे बाबू लाल जपे तेरा नाम खुलवदे खाटूवाला,

खुल व दे खाटू वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।