रुपिया पैसा ना जागीरें

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रुपिया पैसा ना जागीरें मोहे श्याम मिल जाए काफी है,

बिगड़े बने ये तकदीरे मोहे श्याम मिल जाये काफी है,

बेगैनी ये दुनिया रुसे तू छड़ के ना जाना ,

एक भरोसा तेरा है तू सदा साथ निभाना,

जीना मरना बस का नहीं है सब कुछ तुझपे छोड़ू,

जीते जीते मर जाना अगर तूने दिल को तोडा,

यार मेरा तू ही संवारा प्यार मेरा तू ही संवारा,

बंडवा दो बेड़ियाँ जंजीरे मोहे श्याम मिल जाए काफी है,

झूठी शान और शौख़त के मुझे दरकार नहीं है,

वो पत्थर दिल मूरत है जिस दिल में प्यार नहीं है,

प्यार नहीं वो सच्चा जिसका दिलबर ही मुँह मोड़े,

हो सच्चा एहसास तो लेहरी पैर खुद व खुद दोहड़े

यार मेरा तू ही संवारा प्यार मेरा तू ही संवारा,

नजरे खुद डुंडा करती है मोहे श्याम मिल जाये काफी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।