तेरा मेहंदीपुर दरबार रे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरा मेहंदीपुर दरबार रे ओ बाला जी बाला जी,

तेरी हो रही जय जय कार रे ओ बाला जी बाला जी,

ये जैत की पूनम आई और भगतो में खुशियां शाई लगा मेहंदीपुर में मेला बारी,

तेरी महिमा अप्रम पार रे ओ बाला जी बाला जी.

तेरा मेहंदीपुर दरबार रे ओ बाला जी बाला जी,

तेरी बहुत बड़ी सख्ताई तेरी सूरत मन को भाए,

तेरी प्यारे जयंती आई हम गाते आज विदाई,

तेरा खूब सजा शृंगार रे ओ बाला जी बाला जी.

तेरी महिमा अप्रम पार रे ओ बाला जी बाला जी.

तेरा मेहंदीपुर दरबार रे ओ बाला जी बाला जी,

लेकर चोला हम आये तेरे पावन दर्शन पाए,

फल मेवे हमने चढ़ाये और मोदक भोग लगाए,

हम तेरी करे मनोहर रे बाला जी बाला जी

तेरी महिमा अप्रम पार रे ओ बाला जी बाला जी.

तेरा मेहंदीपुर दरबार रे ओ बाला जी बाला जी,

दुनिया से हार के आते दुखयारी मुक्ति पाते,

जो तेरी चरण में जाते बाला तुम कष्ट मिटते,

चोखानी खड़े तेरे द्वार रे, ओ बाला जी बाला जी

तेरी महिमा अप्रम पार रे ओ बाला जी बाला जी.

तेरा मेहंदीपुर दरबार रे ओ बाला जी बाला जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।