बड़ी प्यारी तेरी छवि

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी प्यारी तेरी छवि हये लागे नित नाइ ओये होये,

पद गुँगुरु करे ता थई तू आजा सांवरिया,

तेरा रास्ता उडीकू जब खड़ी खड़ी देखु हये हये हुई बावरियां,

तू आजा सांवरियां....

पलके विछाये बैठी देखा करू,

कैसे रुवाये घर मैं क्या करू,

चुपके से आजा आजा पर्दा करू,

नज़रे उतारू तेरी पूजा करू,

ऐसी बांकी वो अदाये छाए उस पर हाय,

ओये होये तेरी बांसुरियां,

तू आजा सांवरियां....

दिखा के झलक श्याम कहा छुप गया,

आजा रे आजा सँवारे ओ पिया,

सपने मी आके जादू तूने किया,

कैसे सम्बलु खुद को सांवरिया,

काली काली गुंगरली केशो वाली ओ निराली,

मनमोहन मधुरियाँ,

तू आजा सांवरियां....

मुझको दिया के तूने इतना दिया कैसे करू मैं हां तेरा शुकरियाँ,

बस ये तमना मेरी अब है पिया,

दर्श जो मैं पाउ मेरा झूमे जिया,

लेहरी सपना है तू ही मेरा अपना भी तू ही तू ही प्रेम की गगरिया,

तू आजा सांवरियां....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।