मेरे श्याम संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फरयाद तुमसे मेरी मेरे श्याम संवारे,

रहू सेवा में तेरी दिन रात संवारे,

छुटे ना तेरी चोकठ मेरे श्याम संवारे,

जग छुटे चाहे सारा मेरे श्याम संवारे,

खुशिया है मेरी तुमसे चाहत है मेरी तुमसे,

इज्जत है मेरी तुमसे सुनले मेरे संवारे,

रिश्ता है जोड़ा तुमसे जोड़ी है प्रीत तुमसे,

दुनिया है मेरी तुमसे सुनले मेरे संवारे,

साथ तेरा है मिला प्यार तेरा है मिला,

किरपा तेरी ओ संवारे ,

फरयाद तुमसे मेरी मेरे श्याम संवारे....

रोते हसाया तुमने गिरते उठाया तुमने,

मुझको अपनाया तुमने सुनले मेरे संवारे,

थामा दुखो से तुमने अपना बनाया तुमने सुन ले मेरे संवारे,

मैं हु तेरी शरण तेरा मुझपे कर्म,

किरपा तेरी ओ संवारे,

फरयाद तुमसे मेरी मेरे श्याम संवारे,

तेरे सहारे चलता मेरा परिवार पलता मेरी चिंता तू करता सुनले मेरे संवारे,

मेरी पहचान तुमसे मेरा ये नाम तुमसे शोरहत और मान तुमसे सुनले मेरे संवारे,

है रोशन भी शरण रहे तेरा यु कर्म,

किरपा तेरी ओ संवारे,

फरयाद तुमसे मेरी मेरे श्याम संवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।