माता वैष्णो के आए नवरात्रे

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मालिने बनादे एक सेहरा नी,

माता वैष्णो के आए नवरात्रे।

माता वैष्णो के आए नवरात्रे नी,

शेरावाली माँ के आए नवरात्रे।

दिल नाचता ख़ुशी से मेरा नी,

माता वैष्णो के आए नवरात्रे॥

फूल श्रद्धा के होएंगे जब अर्पण,

शुद्ध होएगा रे मनवा का दर्पण।

जब चरणों में झुकेगी यह भावना,

हो जाएगी रे पूरी मनोकामना।

होगा जिंदगी में नया सवेरा नी,

माता वैष्णो के आए नवरात्रे॥

माँ सन्मुख देगी हमें दर्शन,

फल भक्तों को देगा यह अर्चन।

शीश निष्ठा से जो भी झुकाएंगे,

काज सबके ही सिद्ध हो जाएंगे।

टूट जाएगा मुसीबतों का घेरा नी,

माता वैष्णो के आए नवरात्रे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।