सांवरे ओ मेरे साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तेरे दीवाने श्याम तेरे मस्ताने,

तुझसे मिलने आ गये खाटू धाम,

सांवरे ओ मेरे साँवरे.....

सँवारे तूने याद किया दीवानो को भुला लिया,

कितना प्रेम लुटाते हो अपने पास भूलते हो,

दिल पे लिखी बातो को तू समजे तू ही जाने,

तुझसे मिलने आगे खाटू धाम,

सांवरे ओ मेरे साँवरे....

खाटू की माटी चन्दन श्याम बगीची है चन्दन,

गंगा सा लागे निर्मल श्याम कुंड का अमृत जल,

मिलते यहाँ अनजाने रहते नहीं वो अनजाने,

तुझसे मिलने आ गये खाटू धाम,

सांवरे ओ मेरे साँवरे

चोखानी के नैन लगे तुझसे प्रीत के तार जुड़े,

बन गए ललित के संग आया खूब उसे खाटू भाया,

आके यहाँ वापिस हम घर जाए दिल ना माने,

तुझसे मिलने आ गये खाटू धाम,

सांवरे ओ मेरे साँवरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।