बाबा ध्यान मेरा भी करले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा ध्यान मेरा भी करले कबसे खड़ा हाथ मैं जोड़ ,

खड़ा हाथ मैं जोड़ सँवारे खड़ा हाथ मैं जोड़,

रे बाबा कौन सा होया कसूर क्यों बैठ गया मुँह मोड़,

हर ग्यारस में सांवरिया तेरे दर पे चल के आउ,

ताने पांच मिनट का टाइम नहीं कुछ बात मैं करना चहु,

साँची साँच बता दे क्यों तू इतनी करे मरोड़,

रे बाबा कौन सा होया कसूर क्यों बैठ गया मुँह मोड़,

तेरे हाथ में चाभी से मेरा खोल कर्म का ताला,

देना हो तो ढंग से देना बेकशक करदे ताड़ा,

देगा कौन सी डेट बता के करदे आज निशोड,

रे बाबा कौन सा होया कसूर क्यों बैठ गया मुँह मोड़,

भीम सेन न गणा लालची माँगन में शरमावे,

बस नो सो मिलियन डॉलर देदे बस काम मेरा चल जावे,

मोना की या अर्जी बाबा पीछे तोड़ दे आज रिकॉर्ड,

बाबा ध्यान मेरा भी करले कबसे खड़ा हाथ मैं जोड़ ,

खड़ा हाथ मैं जोड़ सँवारे खड़ा हाथ मैं जोड़,

रे बाबा कौन सा होया कसूर क्यों बैठ गया मुँह मोड़,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।