लाला आओ जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लाला आओ जी माखन खावो जी,

अपनी यशोदा मैया को ना सतावो जी,

अब नही कान्हा तुजसे देह्नु चराईं हो,

राधा रानी से तेरा कान्हा विव्ह रचियो,

अब तो लाला माँ की गोद में आवो जी,

लाला आओ जी ......

बाबा से कह के तेरा यामा बन बाई हो,

मोर मुकट तेरो माथे पर सजाई दो,

सुन रे कन्हिया माँ को अब ना रुलाओ जी,

लाला आओ जी ......

सुनरी औ मियाँ तुम को कभी ना सतियो,

जो जो कहियो अमा सो सो करियो,

अब तो मियाँ मुजको गल्ले से लगावो जी

अम्मा आवो जी मान जाओ जी,

लाला आओ जी ......8421815181

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।