तेरे जैसा यार जगत में

पारंपरिक
श्री कृष्ण कथा कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे जैसा यार जगत में मैने टोहेते भी पाया ना ।

धन्य सुदामा टौटे मे भी स्वाभिमान गिराया ना ।।

टोटे खोटे जबर घने में कोनसी बत सही कौन्या,

दानो तक मौहताज सुदामा कोढी पास रही कौन्या,

सब तरिया मनै टोह के देख्या अपनी आन दई कौन्या,

पर जितने दिन रहा मेरे धोरे माढी बात कही कौन्या,

सब ढाला कि कथा कही पर घर का हाल बताया ना,

धन्य सुदामा टोटे.......

सपने में मैने तेरे ते मिसरानी लडती देख लई,

भुख प्यास मे तेरे ब्च्चों की आब उजडती देख लई,

घर घर धक्के खाये तैने तेरी हवा बिगडती देख लई,

पर मेरे धौरे जब आया तैने दुनिया हडती देख लई,

टोटे मे बेबस होग्या पर दिन ईमान ढिगाया ना,

धन्य सुदामा टोटे.......

में सब जानु तु बाहर निकलते ही नैनो निर बहावेगा

खाली हाथा भेज दिया न्यु सौ सौ गाल सूनावेगा

कृष्ण जी तो छलिया ठगिया धौके बाज बतावेगा

पर मैरे यार मैरे जैसा तैने यार ना ढुढे पावेगा

तैने के बेरा तेरे प्यार में बहके मैने टुक तलक भी खायाना

धन्य सुदामा टोटे

विधर्व देश पौहच मित्र तेरा चगा हाल बना दुगा

तेरे महल में मानसरोवर जैसे ताल बना दुगा

हीरे मोती कणी मणी से मालामाल बना दुगा

दूनिया भर मे यारी की एक गजब मिशाल बना दुगा

बह्रमपाल ने भी जीवन मे ऐसा छंद अनोखा गाया ना

धन्य सुदामा टोटे में भी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।