जय माँ महागौरी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नवरात्रि में विशेष है महागौरी का ध्यान।

शिव की शक्ति देती हो अष्टमी को वरदान॥

मन अपना एकाग्र कर नन्दीश्वर को पाया।

सुबह शाम के दूप से काली हो गई काया॥

गंगा जल की धार से शिव स्नान कराया।

देख पति के प्रेम को मन का कमल खिलाया॥

बैल सवारी जब करे शिवजी रहते साथ।

अर्धनारीश्वर रूप में आशीर्वाद का हाथ॥

सर्व कला सम्पूरण माँ साधना करो सफल।

भूलूं कभी ना आपको याद रखूं पल पल॥

नवरात्रों की माँ कृपा कर दो माँ।

नवरात्रों की माँ कृपा कर दो माँ॥

जय माँ महागौरी।

जय जय महागौरी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।