ये दीवानो की बस्ती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये दीवानो की बस्ती है,

यहाँ मस्ती ही मस्ती है,

खाटू में तेरे नाथ श्याम की किरपा बरसती है,

ये दीवानो की बस्ती है,

तीन लोको से न्यारी प्रेमियों के प्यारे,

अगल दुनिया से दिखे गे तुम्हे बाबा के नजारे,

देवो में देव है न्यारे प्रेमियों के है प्यारे,

अलग दुनिया से दिखेगे तुम्हे बाबा के नज़ारे,

मेरे श्याम सी इस दुनिया में ना कोई हस्ती है,

ये दीवानो की बस्ती है,

तीन लोको से न्यारी खाटू की नगरी प्यारी,

सँवारे के दर्शन को भीड़ रहती है बाहरी,

बिन पतवार के इस धरती के चलती कश्ती है,

ये दीवानो की बस्ती है,

नारियल सवा रुपईय्या मात लेता है कन्हियाँ,

पार कर देता है मेहता भवर में अटकी नैया,

ये दीवानो की बस्ती है,

तूफानों में यहाँ बेधड़क नाव न फस्ती है,

ये दीवानो की बस्ती है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।