ना हम किसी के ना कोई हमारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना हम किसी के ना कोई हमारा ,

झूठे जगत से किया किनारा,

ना हम किसी के ना कोई हमारा

देख ली तेरी दुनिया सारी हुई न किसी की क्या होगी हमारी,

बहुत देख लिया जगत का नजारा,

ना हम किसी के ना कोई हमारा ......

झूठे ये तेरी दुनिया वाले मुख जीने गोर मन जिनके काले,

हो के दुखी मैंने तुम को पुकारा,

ना हम किसी के ना कोई हमारा

मतलब के ये रिश्ते नाते ना ये याहा के ना ये वहाँ के,

ढूंढ लिया अब तेरा द्वारा,

ना हम किसी के ना कोई हमारा

मुश्किल हुआ तेरी दुनिया में रहना,

बांके बिहारी से ये मेरा कहना,

ना हम किसी के ना कोई हमारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।