साई नाथ की पालकी चली साई नाथ की पालकी

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

साई नाथ की पालकी चली साई नाथ की पालकी,

मेरे घर भी आओ साई नाथ,

मेरे भाग जगाओ साई नाथ,

मेरे कृष्णा साई मेरे सोहने साई तुम हो मेरे साई नाथ,

मेरे शिव शंकर भी तुम हो,

मेरे ब्रह्मा विष्णु तुम हो शिरडी के राजा तुम हो मेरे सोने साई तुम हो,

साई नाथ की पालकी ....

मुझे दर पे भुलायो साई नाथ,

मुझे अपना बनाओ साई नाथ,

मेरे प्यारे साई मेरे सोहने साई,

मेरे घर पधारो साई नाथ

मेरी ज़िंदगी भी तुम हो मेरी बंदगी भी तुम हो,

मेरे जीना का मकसद तुम हो मेरे पालनहार तुम हो,

साई नाथ की पालकी चली साई नाथ की पालकी,

हम दर दर भटके साई नाथ मिले तेरा सहारा साई,

ये तेरी इनायत तेरा कर्म है दाता मेरे साई नाथ,

म स निज़ामी साई नाथ तेरा करते गुण गान,

ये सूंदर तेरी करे पूजा उसके घर भी पदाहरो साई नाथ,

साई नाथ की पालकी चली साई नाथ की पालकी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।