मेरे श्याम सांवरे तेरा ही सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम सांवरे तेरा ही सहारा है,

मेरी नैया का तू ही किनारा है,

मैं इधर देखु या उधर देखु,

तू नजर आये,

मेरी आँखों में तेरा नजारा है,

मेरे श्याम सांवरे तेरा ही सहारा

मेरी बातो में तनहा रातो में,

श्याम तू ही भाया है लाखो में एक,

जैसे कोई फलक में सितारा हो,

मेरे श्याम सांवरे तेरा ही सहारा

आँखों से शलके अरमान दिल के,

हम है रही तेरी मंजिल के,

तू नहीं है तो सजदा गवारा है,

तू नहीं है तो सजदा गवारा है,

कुछ कर जाये आहे भर जाये

कृष्ण चौकठ पे तेरी मर जाये,

ज्योति इतना सा किसा हमारा है,

मेरे श्याम सांवरे तेरा ही सहारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।