कन्हैया तेरी यादो में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हैया तेरी यादो में मैं जागु अब रातो में,

मैं दिल को सकूँ जरा ये चढ़ा है जनून तेरा,

तू ही तो मेरी सांसो में,

कन्हैया तेरी यादो में मैं जागु अब रातो में,

मेरे मन ने बस गई प्यारे प्यारी सी ये सूरत,

मन मंदिर में जब भी देखु देखु तेरी मूरत,

आँखों में तू खव्बो में तू मैं क्या करू,

मैं करू इंतज़ार तेरा तू कर विश्वाश मेरा,

तू ही तो मेरी सांसो में,

कन्हैया तेरी यादो में......

छोड़ के तुम को मैं कहा जाऊ तू ही मेरी मंजिल,

तू समझे या ना समझे तो मुझको अपने काबिल,

जिया कही लागे नहीं मैं क्या करू,

मैं करू इंतज़ार तेरा तू कर विश्वाश मेरा,

तू ही तो मेरी सांसो में,

कन्हैया तेरी यादो में....

हर्ष कभी भी ना टूटे गा तेरा मेरा बंधन,

तू नदिया तो मैं धारा हु ऐसा है ये संगम,

मोपे चला जद्दू तेरा मैं क्या करू,

मैं करू इंतज़ार तेरा तू कर विश्वाश मेरा,

तू ही तो मेरी सांसो में,

कन्हैया तेरी यादो में....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।