शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे,

सिर मोरछड़ी प्यारी लागे मन मोह लिया रे,

शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

तेरे सिर पे मुकत चम् चम् चमके जिसमे हीरा है धमके,

छवि सूंदर प्यारी लगती है जाओ मैं तेरे सद के,

दिल लुटे लट गुंगरली है बांके की अदा मतवाली है हमे लूट लिया रे,

शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

भरता तू सबकी झोली है रंग से राज कराया,

बांटे भर भर के खजाने तू तो लाख दातार कहाया,

सारे जग ने तुझको पूजा है तुझसे ना कोई दूजा कमाल किया रे,

शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

हारे का बना सहारा है और शीश का दानी तू है,

नीले घोड़े वाला है अमर बलदानी तू ही तो है,

शिखर का तू ही राजा है लाखो को तूने नवाजा है,

भाव से पार किया है,

शृंगार तेरा लखदातार किसने किया रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।