तू कहा गया ओ बांके बिहारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू कहा गया ओ बांके बिहारी,

गइयाँ तेरी रोये रही,

गइयाँ रो रो कर पुकारे है सारी,

मेरे श्याम तू कहा चला गया,

तेरे बिना गौओं के ग्वाले कैसा बुरा हाल है,

सारे जग की पालनहारी खुद ही माँ बेहाल है,

तेरी हो गई है क्या लाचारी मेरे श्याम तू कहा चला गया,

तू कहा गया ओ बांके बिहारी,

गइयाँ तेरी रोये रही,

देखो इनके ऊपर होते क्या क्या अत्याचार है,

वधशाला ने निछ दिन कटती करती करुण पुकार है,

क्यों न सुनता है पीड़ हमारी मेरे श्याम तू कहा चला गया,

तू कहा गया ओ बांके बिहारी,

गइयाँ तेरी रोये रही,

शुलक दास कहे अब तो आजा,

गउओ के रखवाले,

रक्षा कहे भग जग भन कहे आके प्राण बचा ले,

वेरी हो गई है दुनिया सारी मेरे श्याम तू कहा चला गया,

तू कहा गया ओ बांके बिहारी,

गइयाँ तेरी रोये रही,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।