देना है तो दीजिए जनम जनम का साथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देना है तो दीजिए जनम जनम का साथ ।

मेरे सर पर रखदो सतगुरु अपने दोनों यह हाथ ॥

इसी जनम मे सेवा देकर बहुत बड़ा एहसान किया

तू ही कृष्ण तू ही राम हमने तुझे पहचान लिया,

भाव सागर से पार करो गे है इतनी बात,

देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ॥

भटक रहे है इस दुनिया में प्यार की छैयाँ कर देना,

बिन माझी के नाव चले ना तुम पतवार पकड़ लेना,

मेरा जीवन रोशन करदो छाई अन्धयारी रात,

देना है तो दीजिए जनम जनम का साथ ॥

सतगुरु के चरणों की धूलि सब दोलत से मेहंगी है,

नजर तेरी किरपा की सतगुरु सब दोलत से मेहंगी है,

मेरे दिल की कमाना ये है करू सेवा दिन और रात,

देना है तो दीजिए जनम जनम का साथ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।