छोटी सी अर्जी मेरी अब तो सुनो हे नाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रोज रोज तुम्हे क्या बतलाऊ अपने मन की बात,

छोटी सी अर्जी मेरी अब तो सुनो हे नाथ,

कब से तुम्हे पुकार रहा हो दास तेरा,

तुम आओगे ये पका विश्वाश मेरा,

तेरे भरोसे काट रहा हु संकट के दिन रात,

छोटी सी अर्जी मेरी अब तो सुनो हे नाथ,

तेरी बात निहार रही अखियां मेरी,

अंतर यामी श्याम लगाईं क्यों देरी,

शमा करो हे दीं दयालु मेरे सब अपराध,

छोटी सी अर्जी मेरी अब तो सुनो हे दास,

नजर दया की कार्डो हे करुणा सागर,

करता हु अरदास संभालो अब आकर,

बीत गई सो बात गई अब रखदो सिर पर हाथ,

छोटी सी अर्जी मेरी अब तो सुनो हे नाथ,

भीनु की अर्जी को अब स्वीकार करो,

दास हु तेरा मुझको अब न इंकार करो,

तुम ही मेरे इष्ट देव हो तुम ही पितु मात,

छोटी सी अर्जी मेरी अब तो सुनो हे नाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।