अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता

श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता,

तो दुनिया में कोई हमारा ना होता।

जबसे मिली है दया हमको इनकी,

तो राहें बदल दी मेरी ज़िन्दगी की।

नज़ारे करम का इशारा ना होता,

तो दुनिया में कोई हमारा ना होता॥

इन्ही के सहारे जीए जा रहे है,

नाम का अमृत पीए जा रहे हैं।

मेरा बिगड़ा जीवन संवारा ना होता,

तो दुनिया में कोई हमारा ना होता॥

कोई नहीं था दुनिया में अपना,

कन्हिया से मिलना लगता है सपना।

कन्हिया ने हमको जो पुकारा ना होता,

तो दुनिया में कोई हमारा ना होता॥

भवर में थी नैया, दिया है किनारा,

इन्ही की कृपा से चले है गुजारा।

कृपा भरी दृष्टि से निहारा ना होता,

तो दुनिया में कोई हमारा ना होता॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।