परदेसी हु बाबा बड़ी दूर से आया हु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

परदेसी हु बाबा बड़ी दूर से आया हु,

थारी खातिर भक्ति का नजराना लाया हु,

करदो थोड़ी सी किरपा थारो क्या घट जावेगा,

खाके दुनिया से धोखा मैंने टिकट लिया खाटू का,

परदेसी हूँ बाबा बड़ी दूर से आया हूँ...

बनके बनिया क्या सोचे ओ प्यारे,

हास्के देदे देना हो जो प्यारे,

रोज ना आवे गे ये बंजारे,

तेरी उंगली पे है खाते सारे,

परदेसी हूँ बाबा बड़ी दूर से आया हूँ

तेरा दुनिया में नाम है बाबा,

चर्चा रेहमत का आम है बाबा,

बंदा तेरा गुलाम है बाबा,

तुझसे छोटा सा काम है बाबा,

परदेसी हूँ बाबा बड़ी दूर से आया हूँ

अपनी जन्मो की रिश्ते दारी है जानती बाबा दुनिया सारी,

ज़िंदगी मैंने तुझपे वारि है मुझसे काहे ही पर्दे दारी है,

परदेसी हूँ बाबा बड़ी दूर से आया हूँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।