मोहे दरस दिखा दुर्गे मईया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मोहे दरस दिखा, दुर्गे मईया llxll

मैंने ओट है माँ, तुमरी लईया ll

मोहे दरस दिखा,,,,,,,,,,,,,,,,,,

चरण कमलों में मईया, लगा लो मुझे,

दास दासों का मईया, बना लो मुझे ll

मेरा कहता है मन, भेंटा कर तू यह तन,

मेरी बीच भंवर, डोले नईया

मोहे दरस दिखा,,,,,,,,,,,,,,,,,,

तेरे सेवक भक्त, मुझे सारे मिले,

दर्शन पा के मुझे, सब प्यारे लगे ll

पाप लाखों किया, मेरा धड़के जिया,

मेरी बीच भंवर डोले नईया

मोहे दरस दिखा,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अपलोड कर्ता- अनिल भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।