मेरे श्याम चले आओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर के आंगन में मेरे श्याम चले आओ,

मेरे श्याम चले आओ ॥

बीत न जाये दर्श की घड़ियाँ,

प्यासी है बाबा मेरी अँखियाँ,

मेरे प्यासे नैनन में मेरे श्याम चले आओ,

मेरे घर के आंगन में मेरे श्याम चले आओ,

रेत के मैंने महल बनाये तुफानो में गिर न जाये,

मेरी नीरस जीवन में मेरे श्याम चले आओ,

मेरे घर के आंगन में मेरे श्याम चले आओ,

तुम बिन बेरंग है मेरी होली,

तुम बिन सुनी है दिवाली,

इन्हे रंगीन बनाने को मेरे श्याम चले आओ,

मेरे घर के आंगन में मेरे श्याम चले आओ,

तुलसी का दिल हुआ दीवाना,

आज मेरे घर श्याम ने आना,

मेरा मान बढ़ाने को मेरे श्याम चले आओ,

मेरे घर के आंगन में मेरे श्याम चले आओ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।