खाटू जाना है दर्शन पाना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कार्तिक के जाते ही मन में चाव चढ़ गया,

सांवरिये से प्रेम थोड़ा और बढ़ गया,

अरे सोच सोच के मनवा मेरा झूम झूम के नाचन लगेया,

आया फागण झूम के भैया रे भक्तो खाटू जाना है के दर्शन पाना है,

श्याम के रंग में तो सभी को रंग जाना है,

करलो मेले की तयारी एक ध्वजा बना लो प्यारी,

सारे भगतो के संग में जाना है श्याम की द्वारी,

खाटू में बैठा वो हेला मार रहा है,

अपने सारे भक्तो को पुकार रहा है,

अरे सुन कर हेला श्याम प्रभु का मन मेरा ललचावन लगैया,

आया फागण ले झूम के भैया के खाटू जाना है दर्शन पाना है,

श्याम के रंग में तो सभी को रंग जाना है,

रींगस से पैदल पैदल भगतो के संग चलना है,

सारे रस्ते में केवल श्री श्याम नाम जपना है,

फागण के मेले की फिर बहार देखलो,

साँचा साँचा खाटू का दरबार देखलो,

देख कर खाटू नगरी प्यारी दिल ये मेरा गावं लाग्या,

आया फागण ले झूम के भैया के खाटू जाना है दर्शन पाना है,

श्याम के रंग में तो सभी को रंग जाना है,

ग्यारस की जोट जगा के बारस की भोग लगाना,

मेरे श्याम धनि से प्यारे फिर मन चाहा वर पाना,

होलियां में सारा खाटू लाल देखलो,

श्याम कहे चंग में धमाल देखलो,

अरे होगी विदाई श्याम धनि से आंसू मेरा चालन लगैया,

आया फागण ले झूम के भैया के खाटू जाना है दर्शन पाना है,

श्याम के रंग में तो सभी को रंग जाना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।