किरपा है खूब तेरी खूब है आशीर्वाद

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किरपा है खूब तेरी खूब है आशीर्वाद,

शत शत नमन तुम्हको तेरा हम करे धन्यवाद,

किरपा है खूब तेरी खूब है आशीर्वाद,

मेरी ज़िंदगी में क्या था तेरे बिना कन्हैया,

हारे थे हम खुदी से मझधार में थी नैया,

गम की घटाओ से तुमने किया आज़ाद,

किरपा है खूब तेरी खूब है आशीर्वाद,

जब से तेरी शरण में हमको मिला ठिकाना,

खुशियों से भर गया मेरा ये आशियाना,

तुमसे है अब तो दुनिया में आवाज,

किरपा है खूब तेरी खूब है आशीर्वाद,

गलती पे गलती करना माना हमारी आदात,

करते हो फिर भी बाबा तुम मोहित की हिफ़ायत,

तुम्ही तो सुनते हो मेरी सदा फर्याद,

किरपा है खूब तेरी खूब है आशीर्वाद,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।