तू जो संग चलता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे इस परिवार का खर्चा तुझसे ही चलता है,

तू जो संग चलता है,

मुझको आगे बढ़ता देख कर अपना ही जलता है,

तू जो संग चलता है

मेरे दिल में सँवारे तेरा सूंदर सा छोटा सा घर है,

मेरे आगे पीछे तू ही फिर मुझको किसा डर है,

तेरी किरपा से ही सँवारे दुःख सारा तलता है,

तू जो संग चलता है,

तेरी चौकठ पे आने से तकदीर बदल गई मेरी,

जब से लेहरी सिर पे मोर छड़ी तेरी,

हर बगियाँ का फूल सँवारे तुझसे ही खिलता है,

तू जो संग चलता है...

इस मतलब की दुनिया में नहीं कोई श्याम अब मेरा,

कहता अविनाशी बाबा न छूटे साथ अब तेरा,

दर पे तेरे मुझे सँवारे हर सकूँ मिलता है.

तू जो संग चलता है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।