मेरी जान निकल ना जाये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी जान निकल ना जाये साईं मुझे दर्शन दो,

मेरे सपनो में आ जाये साईं मुझे दर्शन दो,

एक बार जो तुझको देखे उसे चैन आ जाये,

साईं तेरे दर्शन से हर कोई रब को पाए,

ज़माने के हर एक इंसान पे नजरे जमाता हु,

ना जाने कौन से इंसान में तेरा दीदार हो जाये,

मेरी धड़कन रुक रुक जाए साईं मुझे दर्शन दो,

मेरी उम्र गुजर ना जाये साईं मुझे दर्शन दो,

दर दर भटकता मैं फिरा ये लेके नतीज़ा,

पाया कही न मंजिले मकसूद का पता,

आखिर तेरे कर्म में पुकारा इधर तो आ,

हाज़िर हुआ हुआ आन के देता हुआ सदा,

जब तुम न करो गे तो दया कौन करेगा,

मेरी ज़िन्दगी की दुआ कौन करेगा,

साईं आये तो चैन आ जाये साईं मुझे दर्शन दो....

जब तुम न करोगे तो किरपा कौन करेगा,

झोली को मेरी तेरे सिवा कौन भरे गा,

साईं तेरे आने से मेरे जिस्म में जान आये,

कोई तो हो जो मुझको शिर्डी ले जाये,

हम सब की प्यास भुजा दे साईं हमे दर्शन दो,

मेरे आंसू बह न जाये साईं मुझे दर्शन दो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।