मैं सब कुछ हार के बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं सब कुछ हार के बाबा तेरी चौकठ पे आई हु,

संभालो अब मुझे बाबा मैं सब कुछ छोड़ आई हु,

मैं सब कुछ हार के बाबा......

मेरी मझधार है नैया श्याम दरकार है तेरी,

मेरी हाथो से छूटी अब श्याम हाथो में है तेरी,

इसे तू पास करदो पार ये अर्जी दर पे लाइ हु,

मैं सब कुछ हार के बाबा....

सुना है हार के जग से तेरे दर जो भी आता है,

लगाते हो गल्ले उसको यहाँ में जीत जाता है,

मेरी भी सुनले सांवरियां उमीदे लेकर आई हु,

मैं सब कुछ हार के बाबा.....

तेरे चरणों में सांवरिया पड़ी कब तक रुलाओ गए,

लगा लो अब शरण मुझको मुझे कब तक सताओ गए,

सुनो रही की फर्यादे तेरी चौकठ पे आई हु,

मैं सब कुछ हार के बाबा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।