दर्शन दे दे माँ हमको दर्शन दे दे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जब जब भीड़ पड़ी है हम पर, तूने हमे संभाला है

जब जब तेरा नाम लिया माँ, तेरा बुलावा आया है

दर्शन दे दे माँ, हमको दर्शन दे llll

मन में ध्यान रहे तेरा, दिन रात माँ

दर्शन दे दे माँ, हमको दर्शन दे.........

मन में तेरी ज्योत जगी है, तेरे दरस की आस लगी है

दूर करो माँ शेरों वाली, जो भी बिपता आन पड़ी है ll

भवसागर में नाव है मेरी, करदो बेडा पार माँ ll

दर्शन दे दे माँ, हमको दर्शन दे......

क्या मैं दाती मांगू तुझ से, कुछ भी छुपा नहीं है तुझ से

कृपा करो माँ जग्ग कल्याणी, भूल चूक जो हुई है मुझ से ll

क्षमा करो हे जगत भवानी, मेरा हर अपराध माँ ll

दर्शन दे दे माँ, हमको दर्शन दे,,,,,,

सभ भक्तों की पीड़ा हरती, मेरी वारी क्यों देर है करती

विधि न जानू पूजा की मैं, जो मन में है बात वो कह दी ll

वेद मंत्र का ज्ञान नहीं है, बिनती करो स्वीकार माँ ll

दर्शन दे दे माँ, हमको दर्शन दे,,,,,,

अपलोड कर्ता- अनिल भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।