बांके की बांकी सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके की बांकी सरकार देखो वृद्धावन में,

बांके नैनो से झलकता जो प्यार वृद्धावन में,

बांके बिहारी की बांकी सरकार....

मोटे मोटे नैनं में झीनो झीनो कजरा,

ऐसे लागे जैसे देखो गिर आये बदला,

तिर्शी नैनो से जो करता ये बार वृद्धावन में,

बांके बिहारी की बांकी सरकार...

कंधे पे देखो आके कामर काली,

अधरों पे सोहे ये मुरली प्यारी,

पीला पटका ये पहने झारिधार वृद्धावन में

बांके बिहारी की बांकी सरकार ....

शुकल दास पागल की आशा,

घनश्याम तेरे दर्शन का प्यासा,

लाडले युगल चरण चित धार वृद्धावन में

बांके बिहारी की बांकी सरकार.......

मोर मुकट की शोभा है बांकि,

बांके मनमोहन की प्यारी ये झांकी,

जो भी मन से निहारे एक बार वृद्धावन में,

बांके बिहारी की बांकी सरकार .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।