याद किया न कभी श्याम को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद किया न कभी श्याम को बस माया ही जोड़ी,

श्याम नाम धन सिवा साथ ना जाये फूटी कोड़ी,

श्याम भज ले तू श्याम भज ले,

श्याम नाम धन जो तू यहाँ कमाएगा,

कभी ना भूलो काम वहा वो आएगा,

अगर श्याम से प्यार नहीं है कुछ तेरा उस पार नहीं है,

जनम ही लेती फिरेगी फिर तो तेरी रूह निगोड़ी,

श्याम भज ले तू श्याम भज ले,

लोग तुझे मरघट तक ले जाएगा,

चाहने वाले दो आंसू टपकायेगे,

कोई न तेरे संग चले गा चिता में हर इक अंग जले गा,

जिस दिन क्रूर काल के सिर पर आन गिरे हथोड़ी,

श्याम भज ले तू श्याम भज ले,

मानव ता भी रहे तुम्हारे सीने में सब में देखो श्याम मजा तब जीने में,

झट पर श्याम नाम रस पी ले मत हों दे बंधन ढीले,

ऐसे बांधो डोर प्रीत की कभी ना जाये तोड़ी,

श्याम भज ले तू श्याम भज ले,

क्यों सुख ढूढ़ रहे हो आज ज़माने में गंगा जल क्या मिलता है मखाने में,

सच्चा सुख श्री श्याम शरण में इनके ही गुण यशवर्णन में,

घजे सिंह ने भजनो से भक्ति की बून्द निचोड़ी,

श्याम भज ले तू श्याम भज ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।