आज सोमवार है शिवाले जाएंगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज सोमवार है शिवाले जाएंगे,

ॐ नमः शिवाये हम गाते जाएंगे,

धुप दीप भंग आक धतूरा चांदी थाल सजाके,

गंगा जल से भर के लौटा गौका दूध मिलाके,

नंगे पॉंव चल भोले के मंदिर जाएंगे,

आज सोमवार है शिवाले जाएंगे,

चढ़ाके जल शिव पिंडी को हम तिलक करें चंदन का,

श्रृंगार करें त्रिलोकी के मालिक प्यारे भगवन का,

शिव पिंडी के दर्शन कर हम धन्य हो जाएंगे,

आज सोमवार है शिवाले जाएंगे,

शिव भोले के जो भी सोलह सोमवार व्रत धारे,

सुख सम्पदा लुटाते उसपर हैं शिव भोले प्यारे,

शिव भोले से मन चाहा फल हम भी पाएंगे,

आज सोमवार है शिवाले जाएंगे,

दर तेरे पे आन खड़े हैं मिलके शिव हरिपाल,

तेरे गुण गायें कैसे ना जाने सुर और ताल,

बनी रहे कृपा हम तेरी महिमा गाएंगे,

आज सोमवार है शिवाले जाएंगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।