श्याम के बैंक में खोल के देख ले तू खाता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखा है श्याम के द्वारे होते है वारे न्यारे,

ये एक के लाख बना देता है लखदातार,

श्याम के बैंक में खोल के देख ले तू खाता,

श्याम लखदातार.......

मेरे श्याम का बैंक है ऐसा जमा करना पड़े न पैसा,

उसको वैसा है मिलता बस जिसका भाव है जैसा,

कल किसने प्यारे देखा पलटा ले भाग्य की रेखा,

तू आज ही जोड़ ले मेरे बाबा से नाता,

श्याम के बैंक में खोल के देख ले तू खाता,

तू छोड़ श्याम पे डोरी भर देगा तेरी तिजोरी,

तेरे भरे रहे गए गले चाहे भर नोटों की भोरी,

चांदी चांदी कर देगा दुखड़े सारे हर लेगा,

कंगाली को फिर दूर से करना टाटा,

श्याम के बैंक में खोल के देख ले तू खाता,

मिटी को करदे सोना ऐसा है श्याम सोलना,

पत्थर भी हीरा बनता नरसी विश्वाश न खोना,

जब श्याम हो तेरा आहड़ी दौड़े गई तेरी गाडी,

जीवन मे कभी नहीं खाये गा तू घाटा

श्याम के बैंक में खोल के देख ले तू खाता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।