मेरी छोटी सी कुटिया में आयी भोली माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी छोटी सी कुटिया में आई भोली माँ ll

मेरे भाग जाग गए ओ मेरे भाग जाग गए

मेरी उजड़ी सी बगिया महकाई भोली माँ ll

मेरे भाग जाग गए ओ मेरे भाग जाग गए

मेरी छोटी सी कुटिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मेरी पूजा और भक्ति मेरे काम आ गई ll

खुशियां सारे ज़माने की झोली डाल गई ll

सुधा प्रेम वाली lll, मईया बरसाए भोली माँ

मेरे भाग जाग गए ओ मेरे भाग जाग गए

मेरी छोटी सी कुटिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

माँ ने सारी मुरादें झोली में डाल दी ll

मेरी मुश्किलें भी मईया जी तूने टाल दी ll

मेरे अंग संग lll, मेरे तूँ सहाई भोली माँ

मेरे भाग जाग गए ओ मेरे भाग जाग गए

मेरी छोटी सी कुटिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

तेरी ज्योति जगी हुआ घर में उजाला ll

मैं बलिहारी जाऊँ तेरे मात ज्वाला ll

मेरे मन की है lll, तृष्णा मिटाई भोली माँ

मेरे भाग जाग गए ओ मेरे भाग जाग गए

मेरी छोटी सी कुटिया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अपलोड कर्ता- अनिल भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।