सेल्फी माँ के साथ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ का जगन रचाया है सुन्दर भवन सजाया है,

बड़ी ही रौनक छायी है माँ शेर पे चढ़ के आयी है,

तो फिर हो जाये हो जाये हो जाये हो जाये,

तो फिर हो जाये हो जाये,

इक सेल्फी माँ के साथ..

सेल्फी की मैं ऍफ़ बी पर लगाऊं प्रोफाइल पिक्चर,

उसके चर्चे छाएंगे फिर लाखों लाइक्स आएंगे,

तो क्यों ना हो जाये हो जाये हो जाये हो जाये,

तो क्यों ना हो जाये हो जाये,

इक सेल्फी माँ के साथ,

मन में बात अभी से है करानी शेयर सभी से है,

दुनिया को दिखलाना है नया ये ट्रेंड चलाना है,

चलो फिर हो जाये हो जाये हो जाये हो जाये,

चलो फिर हो जाये हो जाये,

इक सेल्फी माँ के साथ,

माँ की धुन्न में रहता है सागर सबसे कहता है,

ज़्यादा देर लगाएं क्यों हाथ से मोका जाए क्यों,

तो आओ हो जाये हो जाये हो जाये हो जाये,

तो आओ हो जाये हो जाये,

इक सेल्फी माँ के साथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।